बाबा प्रवीणानंद के 10 वचन 😀👇
1. ईगो बड़ा हो तो छोटे काम मत करो!
2. हाथ कमजोर हो तो दूसरे को उँगली मत करो!
3. मदद करो लेकिन एहसान मत करो!
4. खुशी अपच है तो दुःख भी अपच होगा!
5. पतझड़ तो आएगी ही चाहे बसंत में तुम कुछ भी करो!
6. खुद के आनंद से बढ़कर कुछ नहीं है सिवाय इस अहसास के कि तुम्हारी वजह से कोई आनंदित है!
7. मस्तिष्क पर दवाब फायदेमंद है लेकिन मन पर दवाब प्राणहर्ता!
8. तुम्हारी काबिलियत तुम्हें तभी इज्जत दिलाएगी जब इससे किसी का फायदा हो या फायदे की उम्मीद हो।
9. गुस्सा आने से भी ज्यादा गलत है कहीं का गुस्सा कहीं और निकालना!
10. तुम दूसरों के प्रति वैसा ही सोचते हो जैसा तुम्हें लगता है दूसरा तुम्हारे बारे में सोच रहा है!
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