मंगलवार, 7 मार्च 2023

प्रवीणनामा २

 १.आज के इंतजार में कल बीता था, 

कल तक आज भी बीता हुआ कल हो जायेगा । 


२. रात जिस दिन के इंतजार में कटी, उस दिन की रात कोई और कहलायेगी । 


३. वो कँधा जिस पर चढ़ कर उँचाई को छुआ था, वो कँधा ही कल छोटी नजर आयेगी ।


४. वो साँस जिसके आने से प्राण आयी थी, नयी साँसो के लिये उसे ही छोड़ी जायेगी ।


५. परिवर्तन की जो मिसाल है आज, कल के परिवर्तन में वो ही बदली जायेगी ।

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