बुधवार, 2 मार्च 2016

रात के अँधेरे में

दिन भर अकड़ के
रहने वाला
आसमान भी
झुकता है रात के अँधेरे में
चुपके से
दूर कहीं सुनसान
समंदर के किनारे
भर लेता है
धरती को
अपने आगोश में
डालकर बादल की
एक पट्टी चाँद पर ।