शनिवार, 28 जनवरी 2012

Kuchh Yunhi

पतझड़ के इस मौसम में
ये बसंत कहा से आया है ..!!!

काँटों से छलनी है ये दिल

पर जाने क्यों मुस्काया है....!!!
शारदे   श्री  दे , सुरभि  दे ,
ज्ञानमय संसार दे ;
भावना दे , कल्पना दे ,
शब्द पर अधिकार दे.....!!!


बुधवार, 25 जनवरी 2012

अनसुलझे प्रश्न


नव नीड़ में आगमन की ख़ुशी ;
या,पुराने घर छोड़ने का गम ;


आँखों से बहते अश्र ,  
कोई कह नहीं सकता हैं ये 
ख़ुशी के या गम के;


कल-कल बहती नदी ;
बहती है स्वछंद ; 
या, है वो बहने को बेबस ;


परछाईया  है सर पे ;
जाने है वो भूत के या , 
भविष्य के ;


पंछियों की चहचाहट ,
है एक स्वरबध्ह गान ;
या, शिकारी के भय से तिरोहित होते अरमान ;


सांस लेते हम जीने को;
जरूरी या ,एक अभिसप्त सी मजबूरी .....!!!!