उन्मुक्त उड़ान | Unmukt Udaan
बुधवार, 3 अगस्त 2011
जिंदगी
पटकथा के पात्र जैसी बंधी सी
ये जिंदगी ,
दर्द के हर आह पर डूबी सी
ये एक बंदगी .
श्वेत मनहर बर्फ के नीचे की
दलदल गन्दगी ,
सांस के दो चक्र में पिसती
कहानी जिंदगी
.
!!!!!
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