बुधवार, 29 दिसंबर 2010

bas yunhi

 जब जब बदली घिर जाती है
बारिस की पहली बूंद जब कभी 
मेरे तन छू जाती है 
तब जाने क्यों उस पल 
एक पगली सी लड़की की 
याद मुझे आ जाती है 
कभी ऐसे ही मौसम में 
मिला किये थे हम दोनों 
उन शीतल मादक छण  में जब  
वो चिपक के मुझसे चलती थी 
मन बगिया के सब मुर्झ्हाये 
तब पेड़ हरे हो जाते थे 
मै अक्सर डरता रहता था 
जो भीग गया तो क्या होगा 
वो हाथ पकड़ के मुझको तब  
बारिश में खूब भिंगोती थी 
फिर हसती थी खुस होती थी 
मै देखता रहता था उसको ,
.बस देखता रहता था उसको.......
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