उन्मुक्त उड़ान | Unmukt Udaan
बुधवार, 29 दिसंबर 2010
aakhiri rudan
aakhiri rudan
स्याह काली रातों के जैसे
गम के चादर को आज
कर लिया फैसला मैंने
उतार फेंकने का ;
जैसे हो ये मेरा आखिरी रुदन;;;;;
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