या,पुराने घर छोड़ने का गम ;
आँखों से बहते अश्र ,
कोई कह नहीं सकता हैं ये
ख़ुशी के या गम के;
कल-कल बहती नदी ;
कल-कल बहती नदी ;
बहती है स्वछंद ;
या, है वो बहने को बेबस ;
परछाईया है सर पे ;
जाने है वो भूत के या ,
भविष्य के ;
पंछियों की चहचाहट ,
परछाईया है सर पे ;
जाने है वो भूत के या ,
भविष्य के ;
पंछियों की चहचाहट ,
है एक स्वरबध्ह गान ;
या, शिकारी के भय से तिरोहित होते अरमान ;
सांस लेते हम जीने को;
जरूरी या ,एक अभिसप्त सी मजबूरी .....!!!!
सांस लेते हम जीने को;
जरूरी या ,एक अभिसप्त सी मजबूरी .....!!!!
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