उन्मुक्त उड़ान | Unmukt Udaan
शनिवार, 28 जनवरी 2012
Kuchh Yunhi
पतझड़ के इस मौसम में
ये बसंत कहा से आया है ..!!!
काँटों से छलनी है ये दिल
पर जाने क्यों मुस्काया है....!!!
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