उन्मुक्त उड़ान | Unmukt Udaan
बुधवार, 3 अगस्त 2011
जिंदगी
पटकथा के पात्र जैसी बंधी सी
ये जिंदगी ,
दर्द के हर आह पर डूबी सी
ये एक बंदगी .
श्वेत मनहर बर्फ के नीचे की
दलदल गन्दगी ,
सांस के दो चक्र में पिसती
कहानी जिंदगी
.
!!!!!
2 टिप्पणियां:
Palm COurt
6:57 pm, सितंबर 05, 2011
Really Nice lines, Love the way you describe.
Astalavista Baby
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Pravin Jha
4:19 pm, सितंबर 14, 2011
thanks!!!!
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Really Nice lines, Love the way you describe. Astalavista Baby
जवाब देंहटाएंthanks!!!!
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