सोमवार, 11 जुलाई 2011

सत्य वचन

नींद  गर  कच्ची है  ,तो  फिर  कच्चे  सपने  आयेंगे !

ऊँचे  ख्वाबों  के  लिए  तो  नींद  गहरी  चाहिए !!!!!!.


धार  कितनी   हो  नदी  में  ,तैर  सकते  हैं  मगर !

पार  करना  हो  समुन्दर  ,तो  सहारा  चाहिए !!!!.


यूँ  तो  हर  पत्थर , पहाड़ों   से  ही  तोड़े  जाते  हैं !

एक  है  क़दमों  के  नीचे ,एक  पे   ये  शीश  है !!!!!


बात  गर  एक  रात  की  है  ,तो  दिया  ही  है  बहुत !.

उजले  जीवन  के  लिए  तो  मन  का  दीपक  चाहिए !!!!!.


मैं  खड़ा  हूँ   मध्य  में ,चहुओर बिखरे  ख्वाब  हैं !

उठ  जाए  कोई   कदम  तो ,टूट  जाता  ख्वाब  है !!!!!!