सोमवार, 9 मई 2011

माँ

सतत प्रणाम करूँ मैं  उसको 
जिसने दी मुझे सांस ,

गर्भ में रखा नौ महीने
तक जीने की दी आस .
.
खून से अपने जिसने सींचा ,
ममता के चादर में भींचा,

दुनिया कहती हैमाँ जिसको ,
मैं मानूँ सब धाम .....

उसे सतत प्रणाम.....



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